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Herb-garden-Basil-plant-care

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Herb-garden-Basil-plant-care Basil-plant-care Read this article on how to plant herbs on a rooftop If you have a rooftop large enough to plant an urban garden, you should reconsider. Many people do not know how to have an urban garden on a rooftop and they think that it is a very complicated thing. However, if you know the guidelines to do it well, it is quite simple. Google photo Medicinal Properties: Basil has been traditionally used in various natural remedies due to its potential medicinal properties. It contains essential oils such as eugenol, which exhibit antimicrobial and anti-inflammatory properties. Basil also contains antioxidants that may help protect against oxidative stress and support overall health. Some studies suggest that basil may provide digestive benefits and aid in stress management.   Basil plant Culinary Uses: Basil is a staple in many cuisines around the world , Herb garden Basil plant care  especially Italian and Thai cuisine. Its leaves have a disti...

Bottle-gourd-farming/lauki-ki-kheti

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 lauki ki kheti लौकी की खेती कई किसान एक साल में तीन-तीन लौकी की फसल ले लेते हैं और अच्छा मुनाफा भी कमाते हैं तो  क्योंकि लौकी को साल में तीन बार लगाया जा सकता है तो सबसे ज्यादा मुनाफा या उत्पादन लेना है तो वह सही समय कौन सा है और ज्यादा मुनाफा भी किसान भाइयों को लेकिन उसे टाइम जो है आपकी फसल का उत्पादन जून जुलाई की फसल की तुलना में काम रहता है   लौकी बोनी की विधियां  lauki ki kheti kaise kare अब बात करते हैं लौकी को लगाने का तरीका से लगाया जाता है एक तो पारंपरिक तरीका जिसमें जो बी है वह सड़क दिया जाता है या एक दीवार की तरह और तीसरा  मचान विधि से लौकी लगाई जाती है उसमें ज्यादा उत्पादन भी होता है और अच्छा भाव भी मिलता है अच्छा भाव भी लेना चाहते हैं तो मचान विधि का अपने खेत में लगाकर लोग लगा सकते हैं  1 एकड़ मचान विधि से लौकी लगाने में लगभग 35000 से ₹40000 का खर्च आता है और जो यह आगे बात करते हैं लौकी को लगाने में क्या सावधानियां बरतनी है तो सबसे पहले आप सीड ट्रीटमेंट जरूर करें ताकि किट वगैरा है आपके बीच को खराब ना करें नंबर दो पर पौधे से पौधे की दूरी है वह ड...

Brinjal-cultivation-in-Hindi/began-ki-kheti

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 Brinjal-cultivation-in-Hindi बैगन की खेती  बैगन की ऐसी सब्जी है इसकी खेती 12 महीने मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश बिहार छत्तीसगढ़ गुजरात राजस्थान काफी इलाकों पर 12 महीने बैगन की खेती की जाती ब्रिंजल अगस्त का जो महीने रहता है यह काफी व्यस्त माना जाता है और सर्दियों के लिए आपको सितंबर अंत से लेकर के अक्टूबर के बीच में आपको प्लांटेशन कर देना चाहिए और गर्मियों के लिए बैगन काफी लंबे समय तक चलने वाली क्रॉप है  बैगन की खेती में भूमि  दोस्तों भूमि मिट्टी किस प्रकार की मिट्टी होनी चाहिए तो 2 मिट भूमि पर भी अच्छा उत्पादन है और हल्की भूमि रेतीली 2 मिट भूमि है तो दोनों प्रकार की सॉइल पर पीएच वैल्यू है दोस्तों वह 7:30 से ऊपर की नहीं होनी चाहिए अधिक से अधिक पीएच मान लीजिए यदि पीएच की वैल्यू 8 से अधिक अल्कलाइन सॉइल है तो फिर ऐसी कंडीशन पर आप 50 किलोग्राम जिप्सम खेत की तैयारी करते समय प्रयोग कर लेना और यदि पीएच वैल्यू 8 से अधिक है तो आपको पता है कि यूरिया खाद देने के बाद भी रिजल्ट नहीं आते हैं तो इसलिए दोस्तों थोड़ा सा पीएच का ध्यान दे देना और मिट्टी की जांच जरुर कर लेना  पता चल जाए...

Organic-farming-certification-in-India /जैविक कृषि प्रमाणीकरण

 जैविक कृषि प्रमाणीकरण जैविक कृषि प्रमाणीकरण Organic farming certification एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है अतः प्रमाणीकरण कार्यक्रम में अंतर्गत उसी उत्पादन प्रक्रिया को प्रमाणीकृत करना चाहिए जो लंबी अवधि के लिए की जा ही हो। बदली गई भूमि एवं पशु बार-बार साधारण प्रबन्धन या जैविक कृषि प्रबन्धन की बीच नहीं आने चाहिए।  मध्य प्रदेश जैविक कृषि प्रमाणीकरण विश्व के कई देशों में जैविक खेती उत्पाद की मांग कुछ समय पूर्व प्रबल हुई है | फलस्वरूप विश्व के कई देशों के साथ भारत में भी जैविक खेती की जाना प्रारंभ हुई है | मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में गत 2 – 3 वर्षों में कृषकों द्वारा जैविक खेती को व्यापक रूप से अपनाया है | जैविक खेती से प्राप्त उत्पाद को बाजार में एक अलग पहचान मिल सके इस उदेश्य से राष्ट्रीय एवं अंतर राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास प्रारंभ हुए है  | पंजीयन की प्रक्रिया जैविक उत्पाद को इस स्तर पर बहुत जटिल प्रक्रिया अपनाकर एक पहचान दी जाती है | साथ ही यह प्रक्रिया कठिन एवं खर्चीला है |हमारे देश के किसान इस प्रक्रिया से गुजरकर अपने जैविक उत्पाद का पंजीयन करा सकें | यह अधिकांश किसानो...